Home / NEWS / चुनाव आयोग का चाबुक पंजाब में सोनू सूद से शुरू हुआ

चुनाव आयोग का चाबुक पंजाब में सोनू सूद से शुरू हुआ

भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की ओर से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है| ख़बरों के अनुसार ईसीआई ने बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की पंजाब के लिए स्टेट आइकन के रूप में नियुक्ति वापस ले ली। विकास की पुष्टि करते हुए, पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) डॉ एस करुणा राजू ने कहा कि चुनाव आयोग ने 4 जनवरी को सोनू सूद की पंजाब के स्टेट आइकन के रूप में नियुक्ति को वापस ले लिया था।

ईसीआई का सोनू सूद पर वार, ली सोनू सूद की स्टेट आइकॉन के रूप में नियुक्ति वापिस

नवंबर में, चुनाव अधिकारी ने सूचित किया था कि उनके कार्यालय ने सोनू सूद की नियुक्ति के संबंध में चुनाव आयोग को एक प्रस्ताव भेजा था और उन्होंने इसे मंजूरी दे दी थी। इसके बाद, अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर डॉ. एस करुणा राजू ने लिखा था, “लोगों का असली हीरो अब पंजाब का स्टेट आइकन है – सोनू सूद।”

यह है वह कारण जिस वजह से नहीं बनेंगे सोनू सूद पंजाब के स्टेट आइकॉन

ख़बरों के अनुसार, अभिनेता की नियुक्ति इसीलिए वापस ले ली गई है क्योंकि वह पिछले कुछ दिनों से पंजाब में राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं और मोगा विधानसभा क्षेत्र से अपनी बहन के लिए टिकट मांग रहे हैं। सोनू सूद को राज्य के आइकन के रूप में हटाने के बाद उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपनी 39 वर्षीय बहन मालविका सूद सच्चर के पंजाब की राजनीति में प्रवेश की घोषणा की। सोनू की बहन के आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव मोगा निर्वाचन क्षेत्र से लड़ने की संभावना है|

सोनू ने कहा, “मैं घोषणा करना चाहता हूं कि मालविका निश्चित रूप से लोगों की सेवा के लिए आगे आएगी। उन्होंने अतीत में समाज की सेवा करके बहुत अच्छा काम किया है और इसके लिए उन्हें लोगों से बहुत प्यार मिला था। अब वह तैयार है और लोगों को यह प्यार वापस लौटाना चाहती है।” उन्होंने कहा, “राजनीति लोगों की सेवा करने का सबसे बड़ा मंच है। आप सिर्फ एक सिग्नेचर से लोगों की जिंदगी बदल सकते हैं। साथ ही इसमें रहकर व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।”

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *