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बच्चे को जन्म देते ही पत्नी हुई भगवान् को प्यारी, तो अब कुछ इस प्रकार अपने बच्चे को पाल रहा है यह शिक्षक पिता

हम अपनी ज़िन्दगी को लेकर कई सपने सजाते हैं| सोचते हैं हम ऐसा करेंगे, वैसा करेंगे, पर हम यह खुद नहीं जानते की हम कब तक इस दुनिया में हैं| मृत्यु एक अटल सत्य है, पर किसकी मृत्यु का समय क्या है यह हम अनुमान नहीं लगा सकते| जाना सभी ने है, पर फर्क सिर्फ इतना है कोई अपनी उम्र पूरी करके जाता है, तो कोई समय से पहले ही दुनिया से मुँह मोड़ लेता है| जब एक माँ की कोख में उसका बच्चा होता है, तो उन नौ महीने वो अपने आने वाले बच्चे के लिए बहुत सपने सजाती है, लेकिन यह खबर एक ऐसी माँ की है जो अपने बच्चे को जन्म देते ही भगवान् को प्यारी हो गयी|

पत्नी गुज़री तो नहीं हारी हिम्मत, बल्कि अपने नवजात शिशु संग …

हर माँ की तरह इस माँ के भी अपने बच्चे को लेकर कई सपने थे| पर ईश्वर को कुछ और मंज़ूर था और अपने बच्चे को जन्म देते ही इस महिला का निधन हो गया| और वह अपने नवजात शिशु और अपने पति को अकेला छोड़ इस दुनिया से चली गयी| दोस्तों एक माँ जानती है की अपने नन्हे से बच्चे को किस प्रकार पलना है, कैसे उसकी देखभाल करनी है इसीलिए वह ममता का एक सागर है, लेकिन पिता के लिए सब मानते हैं की वे अपने बच्चे को प्यार को बहुत करते हैं लेकिन दिखा नहीं पाते| पर यहां ये व्यक्ति टूटा नहीं बल्कि उसने अपने बच्चे का ख्याल एक माँ की तरह ही रखा|

एक आईएएस अधिकारी ने की इस शिक्षक की बच्चे का ख्याल रखते हुए वीडियो शेयर

पेशे से इस बच्चे के पिता एक कॉलेज में लेक्चरर हैं| क्योंकि इस शिक्षक पर दुखों का पहाड़ टूटा है तो ऐसे में या तो एक व्यक्ति अपनी रोज़ मर्रा की ज़िन्दगी से कुछ समय का ब्रेक लेता है या फिर वह व्यक्ति नौकरी छोड़ देता है, पर इस शिक्षक ने ऐसा कुछ नहीं किया, बल्कि ये रोज़ कॉलेज जाते हैं और बच्चों को पढ़ाते हैं| इस शिक्षक के जज़्बे की दात डैनी होगी क्योंकि ये अपने बच्चे को अपने साथ ही लेकर जाते हैं और उसे अपनी गॉड में लेकर बच्चों को पढ़ाते हैं|

इनकी वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट में जैसे ही आईएएस अविनाश शरण ने शेयर की वैसे ही यह वायरल हो गयी| लोग इस व्यक्ति के जज़्बे को सलाम कर रहे हैं| न तो इस शिक्षक ने उन छात्रों की पढ़ाई के साथ कोई अन्याय किया और न ही बच्चे की परवरिश के साथ| वे रोज़ अपने बचे को अपनी छाती पर लगाकर कॉलेज ले जाते हैं, और एक अध्यापक का फ़र्ज़ निभाने के साथ साथ एक पिता और माँ दोनों का फ़र्ज़ भी निभा रहे हैं|

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