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एबीजी शिपयार्ड घोटाले के खुले कई नए राज़!

एबीजी शिपयार्ड घोटाले के बारे में आपने आए दिन न्यू चैनल्स पर सुना होगा पर इस बात की सच्चाई क्या है वह स्पष्ट रूप से अभी बताई नही जा सकती। यह घोटाला सिर्फ जनता के साथ ही नही बल्कि सरकार के साथ भी हुआ है ऐसा प्रतीत होता है। इसकी वजह तो फिलहाल सामने नही आ पाई है पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का मानना है की इस घोटाले के आरोपी कोई है तो वह विपक्षी दल है। यानी की अगर साफ और सरल भाषा में कहा जाए तो मोदी जी का मानना है की कॉन्ग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यह घोटाला किया और इस घोटाले को कई सालो तक छुपाने की प्रेरणाएं भी करी।

एबीजी शिपयार्ड घोटाले

एबीजी शिपयार्ड घोटाले पर क्या प्रतिक्रिया है प्रधानमंत्री की

प्रधानमंत्री जी के गृह राज्य में हुए इस घोटाले से लेकर वह काफी ज्यादा निराश है। और उनका यह मानना है सिर्फ कांग्रेसी है बल्कि बाकी विपक्षी दल भी इस घोटाले में शामिल यह सब देख कर उन्हें काफी ठेस पहुंची है और कहा तो यह भी जा रहा है कि इस घोटाले को इतने सालों से छुपाने के लिए काफी षड्यंत्र भी रचे गए हैं इस घोटाले का अंजाम जनता के लिए पड़ सकता है भारी। सरकार की हालत इस वक्त काफी बेचैन है। यह घोटाला को छोटा-मोटा नहीं बल्कि इसे तो भारत के डांस मिक्स काम का सबसे बड़ा घोटाला माना गया है।

एबीजी शिपयार्ड घोटाले

एबीजी शिपयार्ड घोटाले

आइए आपको बताते है इस घोटाले का सच । एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के चेयरमैन और एमडी ऋषि कमलेश अग्रवाल का किया धरा है यह कौन है ऋषि कमलेश अकेले नहीं बल्कि उनके साथ कुछ अन्य लोग भी शामिल थे जिनके साथ मिलकर उन्होंने जेलो खतरनाक नुकसान दे कदम उठाया इन लोगों ने 2012 से लेकर 2017 के बीच कई बैंकों से 22842 करोड़ो की राशि से 28 बैंको को ठगा है। अब जब यह बात सामने आ रही है तो राजनेतिक दल एक दूसरे के उप्पर कीचड़ उछाल रहे है। यह बात अब सीबीआई तक पोहोच चुकी है। दरअसल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ही खुद सीबीआई में इस घोटाले की कंप्लेंट लिखवाई जिसके बाद अब सीबीआई के हाथो में इस घोटाले की बाग दौड़ है और वह इस पर चान बीन भी कर रही हैं।

एबीजी शिपयार्ड घोटाले

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया दर्ज़ कराई रिपोर्ट घोटाले के मामले में

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी कंप्लेंट में यह भी बताया की उन्होंने फॉरेंसिक ऑडिट करवाया जिसकी रिपोर्ट में पता चला कि 2012 से लेकर 2017 के बीच में करोड़ो की राशि जो धोखे से चुराई गई है वह गैरकानूनी कामों के लिए प्रयोग की गई होगी। इसी कारण सीबीआई ने एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के साथ साथ इसके चेयरमैन और उनके अन्य साथी जिन्होने इस घोटाले को अंजाम दिया उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया है।

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